Wednesday, 17 September 2025

3


1

पानी की सुगंध

हवा का एहसास

आग की घुमास 

आसमा की मिज़ाज 

हूं मै 


भगवान, देव, त्राता नहीं

तो फिर कौन 

हूं मै!


2


धुआं धुआं महल हुआ 

माटी माटी नाम हुआ 

धुआं ही था, माटी ही थी

भगवान की ये कहानी थी


इन्सान तो बस लिखता था



3

बहका में, उलझा मै 

चिल्लाया, सताया मै

किस भाषा में, लब्ज़ में

बताऊं, समझाऊं मै 

अकेला छोड़ दो,

खूब शांत हूं मै

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